RNI NO MPHIN/2023/91045

प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

आष्टा में उबाल! व्यापारी महासंघ और राजपूत करणी सेना का विशाल प्रदर्शन — उपद्रवियों पर “बुलडोजर कार्रवाई” की मांग, प्रशासन के सख्त कदम की प्रतीक्षा।* 

*आष्टा में उबाल! व्यापारी महासंघ और राजपूत करणी सेना का विशाल प्रदर्शन — उपद्रवियों पर “बुलडोजर कार्रवाई” की मांग, प्रशासन के सख्त कदम की प्रतीक्षा।*

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

आष्टा। शहर मंगलवार को पूरी तरह आक्रोश में था। हरदा से लौट रहे करणी सेना कार्यकर्ताओं पर अलीपुर चौराहे पर हुए हमले और वाहनों की तोड़फोड़ की घटना ने लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। व्यापारी महासंघ, राजपूत करणी सेना और सनातन समाज के आह्वान पर पूरा शहर दोपहर 2 बजे तक बंद रहा।

शहर की सड़कों पर हजारों लोग “बुलडोजर चलाओ” और “दोषियों को सजा दो” जैसे नारों के साथ उतर पड़े। सिविल अस्पताल चौराहे से निकला विशाल जुलूस पूरे बाजार क्षेत्र से होता हुआ तहसील कार्यालय पहुंचा, जहां एसडीएम नितिन टाले को ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन की मुख्य मांगेंघटना के सभी आरोपियों पर त्वरित और सख्त कार्रवाई की जाए।घटनास्थल और आसपास के अवैध निर्माणों पर तुरंत बुलडोजर कार्रवाई हो।पत्थरबाजी में प्रयुक्त सामग्री और इसकी आपूर्ति के स्रोतों की गहन जांच हो।अलीपुर और आसपास के इलाके में लगातार बढ़ रही हिंसक घटनाओं पर स्थायी समाधान निकाला जाए।व्यापारी महासंघ के नेताओं ने कहा कि अलीपुर क्षेत्र में पहले भी सरकारी कर्मचारी से मारपीट और चाकूबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन अब “अराजक तत्वों की मनमानी को सहन नहीं किया जाएगा।”करणी सेना का रुख सख्तराजपूत करणी सेना के प्रमुख अनुराग प्रताप सिंह राघव ने तीखा बयान देते हुए कहा,“चार गिरफ्तारियां सिर्फ दिखावा हैं। असली दोषी कौन हैं, प्रशासन को सूक्ष्म जांच कर कार्यवाही करना चाहिए।हिंसा की जड़ को उखाड़ने के बिना न्याय नहीं मिलेगा। पत्थर मारने वालों को पत्थर में मिला देना चाहिए।”उनका यह बयान भीड़ में गूंज उठा, और “बुलडोजर चलाओ” के नारे और तेज हो गए।प्रशासन का जवाबएसडीएम नितिन टाले ने बताया कि अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।“पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई होगी।”फिलहाल प्रशासन जांच में जुटा है,
लेकिन आष्टा का माहौल बता रहा है — लोगों का भरोसा केवल कार्रवाई देखकर ही लौटेगा, वादों से नहीं।अब नजरें टिकी हैं कि प्रशासन क्या अगला कदम उठाता है — “सिर्फ बयान” या “जमीनी बुलडोजर एक्शन!”

Recent Posts

ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

error: Content is protected !!