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आष्टा में नववर्ष पर संत गोबिंद जाने की भागवत कथा* *भूमि पूजन के साथ हुआ आगाज* 

—*आष्टा में नववर्ष पर संत गोबिंद जाने की भागवत कथा*
*भूमि पूजन के साथ हुआ आगाज*

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
नए वर्ष का आगाज धार्मिक उल्लास के साथ होगा, जब मालवा के लोकप्रिय संत कथावाचक संत गोबिंद जाने अपने अमृतमय वचनों से नगरवासियों को भागवत ज्ञान की गंगा में डुबकी लगाने का अवसर देंगे।
दिनांक 1 जनवरी से 7 जनवरी तक कथा का आयोजन स्थानीय कृषि उपज मंडी के सामने न्यू दशहरा मैदान में होगा।शुभारंभ से पूर्व आज कथा स्थल पर विधि-विधान से भूमि पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर कार्यक्रम समिति के अध्यक्ष उपेश राठौर के नेतृत्व में शहर के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि व समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भूमि पूजन में विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह मालवीय, पूर्व जिला अध्यक्ष ललित नागौरी, समाजसेवी शेष नारायण मुकाती, प्रेमनारायण शर्मा, हरिनारायण शर्मा सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिकों ने भाग लिया।अध्यक्ष उपेश राठौर ने सभी अतिथियों का साफा बाँधकर आत्मीय स्वागत किया। उनके अनुसार, यह कथा न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रसार करेगी, बल्कि समाज में सद्भाव, नैतिकता और संस्कृति के प्रति आस्था भी बढ़ाएगी।इस शुभ अवसर पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति भी उपस्थित रही, जिन्होंने कथा आयोजन की सफलता के लिए मंगल कामनाएँ दीं।
संत गोबिंद जाने पिछले दो दशकों से अधिक समय से आष्टा नगर में अपनी भागवत कथा के माध्यम से भक्ति और ज्ञान की गंगा प्रवाहित कर रहे हैं, और इस बार भी नगरवासी बेसब्री से उनके दिव्य प्रवचनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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