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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

*समर्थन मूल्य पर सीधी खरीद या खाते में नगद देने की मांग* । *सोयाबीन की फसल बर्बाद होने से किसान संकट में, भाजपा पर मुआवजा और बीमा ना देने का लगाया आरोप*। *पत्रकारों के सवालों से कतराते हुए रवाना हो गए जीतू पटवारी* *दौरे कार्यक्रम में किसानों से जुड़ाव कम, दिखावा ज्यादा नजर आया*

*आष्टा जीतू पटवारी ने आष्टा मंडी से सरकार को दी चुनौती – “20 हजार रुपये प्रति एकड़ दो, किसानों को बचाओ*”

*आष्टा मंडी दौरे में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने सरकार की भावांतर योजना को बताया नाकाफी*,

*समर्थन मूल्य पर सीधी खरीद या खाते में नगद देने की मांग*

। *सोयाबीन की फसल बर्बाद होने से किसान संकट में, भाजपा पर मुआवजा और बीमा ना देने का लगाया आरोप*।
*पत्रकारों के सवालों से कतराते हुए रवाना हो गए जीतू पटवारी*
*दौरे कार्यक्रम में किसानों से जुड़ाव कम, दिखावा ज्यादा नजर आया*
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल
आष्टा कृषि मंडी में जीतू पटवारी का सरकार पर बड़ा हमला, बोले – “सोयाबीन किसानों को मिले 20 हजार प्रति एकड़ मुआवजा”आष्टा। बीते दिवस कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने आष्टा कृषि उपज मंडी में पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया और मंडी में जारी नीलामी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार किसानों को भावांतर योजना में उलझाने की बजाय सीधे उनके खाते में 20,000 रुपए प्रति एकड़ की राशि जमा करे, ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें।जीतू पटवारी ने कहा कि सोयाबीन का समर्थन मूल्य 5328 रुपए प्रति क्विंटल तय है, लेकिन किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की कि किसानों की बर्बाद फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए, क्योंकि प्राकृतिक आपदाओं और कम उत्पादन के चलते इस साल किसान बुरी तरह टूट चुके हैं।उन्होंने कहा, “किसान न कांग्रेस का होता है, न भाजपा का— वह केवल किसान होता है। सरकार को उसकी मदद करनी चाहिए। अगर सरकार सोयाबीन किसानों को 20 हजार रुपए प्रति एकड़ देती है, तो मैं खुद मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री का नागरिक अभिनंदन करूंगा।”पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के चलते किसान आत्महत्या तक को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से किसानों की हालत और खराब हुई है— ना मुआवजा मिला, ना बीमा, ना फसल का सही दाम।उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन हुआ उल्टा। किसानों की आय नहीं, बल्कि फसल की लागत तीन गुना बढ़ गई — खाद, बीज, डीजल और कीटनाशक सब महंगे हो चुके हैं।हालांकि, किसानों से संवाद का यह कार्यक्रम अधिकतर औपचारिकता जैसा दिखाई दिया। पूरे समय स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं में धक्का-मुक्की मची रही,वही जीतू पटवारी ने पत्रकारों के सामने अपनी बाते तो रख दी, पर पत्रकारों के सवालों से बचते हुए जल्द ही रवाना हो गए। छिंदवाड़ा की राजनीतिक स्थिति पर भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया, जबकि किसान और मीडिया दोनों उनसे प्रतिक्रिया की उम्मीद कर रहे थे।
मालवी भाषा में किसानों से बात कर पटवारी ने स्थानीय जुड़ाव दिखाने की कोशिश की, लेकिन कार्यक्रम में राजनीतिक प्रभाव से ज्यादा प्रचारात्मक चमक नजर आई।कार्यक्रम में उनके साथ किसान कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष धर्मेंद्र चौहान, जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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