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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

आष्टा मानवाधिकार सुरक्षा संगठन के जिला अध्यक्ष मनोनीत हुए दिलीप शर्मा

*दिलीप शर्मा जिला अध्यक्ष मनोनीत*

मानवाधिकार सुरक्षा संगठन भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवानी सिंह राठौड़ जी के निर्देशानुसार राष्ट्रीय सचिव श्री छत्रपाल सिंह जी के द्वारा प्रदेश अध्यक्ष श्री बेताब सिंह जी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष श्री डॉक्टर अतुल उपाध्याय जी की अनुशंसा पर श्री दिलीप शर्मा एडवोकेट पूर्व पार्षद को सीहोर जिले का जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया श्री शर्मा द्वारा बताया गया कि संगठन का उद्देश्य समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार उत्पीड़न शोषण  ओर डरावना आतंकवाद व मानवाधिकार जैसी जगन्य घटनाओं पर कड़ी नजर रखकर शासन प्रशासन को घटनाओं से अवगत कराते हुए उनके सहयोग से पीड़ित व्यक्तियों की जनहित व न्याय हित में सहायता कर न्याय प्रदान करना है

श्री शर्मा की नियुक्ति पर क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री गोपाल सिंह जी इंजीनियर पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री कैलाश परमार जी वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि श्री राय सिंह जी मेवाड़ा श्री विनीत मीना सिंगी जी श्री शोभाल सिंह ठाकुर मोगली श्री शोभाल सिंह ठाकुर बगैर श्री कृपाल सिंह ठाकुर बनखेड़ वरिष्ठ पार्षद श्री भैया मियां पूर्व पार्षद श्री इदरीश मंसूरी श्री महेंद्र सिंह ठाकुर टीपा खेड़ी पूर्व पार्षद श्री शैलेश राठौर श्री नर्मदा प्रसाद झूमर श्री दीपक जैन कंचन व्यापारी संगठन के अध्यक्ष श्री रुपेश राठौर श्री मनीष सोनी रसराज दिनेश ठाकुर राजकुमार जैन पराग श्री प्रवीण धारीवाल श्री संजय जैन श्री मुकेश गुलवानी श्री संतोष जोशी श्री जयंत जोशी श्री प्रवीण बजाज आदि द्वारा बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं प्रदान की गई

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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