RNI NO MPHIN/2023/91045

प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

आष्टा/ थाना आष्टा पुलिस द्वारा लापता नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में त्वरित एवं सराहनीय कार्यवाही की गई*।

 

*आष्टा/ थाना आष्टा पुलिस द्वारा लापता नाबालिग बालिकाओं की दस्तयाबी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में त्वरित एवं सराहनीय कार्यवाही की गई*।

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

 

पुलिस अधीक्षक सीहोर श्री दीपक कुमार शुक्ला द्वारा जिले में लापता नाबालिग बच्चों की शीघ्र दस्तयाबी हेतु अभियान के अंतर्गत सभी इकाइयों को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। इन निर्देशों के अनुपालन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आष्टा श्री आकाश अमलकर के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी निरीक्षक श्री गिरीश दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार कार्रवाई की गई।

👉 प्रकरण-1
दिनांक 13.08.2025 को फरियादी की रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अपराध क्रमांक 394/25, धारा 137(2) बीएनएस के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस ने मुखबिर सूचना के आधार पर नाबालिग को बाईपास चौपाटी आष्टा से सकुशल दस्तयाब कर आरोपी रवि भिलाला पिता चंद्रप्रकाश भिलाला (उम्र 18 वर्ष, निवासी ग्राम मताना, जिला शाजापुर) को गिरफ्तार किया।

👉 प्रकरण-2
दिनांक 27.06.2025 को फरियादी की रिपोर्ट पर थाना आष्टा में अपराध क्रमांक 315/25, धारा 137(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस दबाव के चलते आरोपी राजू मालवीय पिता चैन सिंह उर्फ नर्बत सिंह मालवीय (उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम रोलाखेड़ी, जिला शाजापुर) ने थाने में आकर समर्पण कर दिया, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

दोनों ही मामलों में नाबालिग बालिकाओं को सकुशल परिजनों के सुपुर्द किया गया तथा आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

उल्लेखनीय योगदानकर्ता पुलिसकर्मी

निरीक्षक गिरीश दुबे, थाना प्रभारी आष्टा
सउनि प्रेमसिंह ठाकुर
प्रा.आ. 67 दयाराम
आरक्षक 213 संजय चंद्रवंशी
आरक्षक 526 अमन जाटव
सैनिक 269 गजराज वर्मा

Recent Posts

ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

error: Content is protected !!