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मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गौरांगी ने भेंट की इंडोनेशियाई रामायण से प्रेरित श्रीराम-सीतामाता के स्वयंवर की पेंटिंग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से नेशनल इन्स्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नॉलाजी (निफ्ट) कोलकाता की अंतिम वर्ष की टेक्सटाइल डिज़ाइन छात्रा सुश्री गौरांगी शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में सौजन्य भेंट की। सुश्री गौरांगी ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इंडोनेशियाई रामायण से प्रेरित बटिक पेंटिंग भेंट की। वरिष्ठ पत्रकार श्री मनोज शर्मा की पुत्री सुश्री गौरांगी ने यह कलाकृति उज्जैन की पारंपरिक बटिक तकनीक से तैयार की है और यह मृगनयनी युवा मिशन के प्रोजेक्ट का हिस्सा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौरांगी की पेंटिंग्स की सराहना करते हुये उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंडोनेशिया औऱ महाकाल की नगरी उज्जैन की बटिक का ये अनोखा फ्यूज़न है, जो दोनों देशों की सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करता है। रामायण इंडोनेशिया में आज भी उतनी ही लोकप्रिय है, जितनी भारत में। उन्होंने कहा कि ककाविन रामायण पर आधारित गौरांगी की कलाकृतियों में रामलीला को कपड़े पर नये आकर्षक तरीके से उतारा गया है। ककाविन रामायण नामक यह श्रृंखला जावा की रामायण कथा को बटिक के माध्यम से समकालीनधार दीवार कला में रूपांतरित करती है। इसमें वायांग कुलित छाया कठपुतली की दृश्य परंपरा से प्रेरणा लेकर बलिदान, साहस और सहनशीलता जैसे विषयों को दर्शाया गया है। हर चित्र मोम और रंग के माध्यम से पौराणिकता को आत्मचिंतन में बदलता है—जहां हर दृश्य एक भावनात्मक और आध्यात्मिक अनुभव बन जाता है। इस संग्रह को उज्जैन के अनुभवी शिल्पकार सैय्यद अब्दुल माज़िद के सहयोग से और मृगनयनी के प्रबंध संचालक श्री मदन कुमार के मार्गदर्शन में साकार किया गया। यह प्रोजेक्ट पारंपरिक शिल्पों को नई पीढ़ी की सोच से जोड़ने और उन्हें समकालीन संदर्भ में प्रस्तुत करने की मृगनयनी की निरंतर पहल का हिस्सा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की गई अपनी कलाकृतियों के बारे में गौरांगी ने इनकी रूपरेखा भी बताई।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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