RNI NO MPHIN/2023/91045

प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

नीदरलैंड में सामने आया ऐसा भेड़िया…जिसे मिल चुकी है मौत; 6 साल के बच्चे को घसीट ले गया जंगल…चीख पड़ी मां

 नीदरलैंड में एक ऐसे खूंखार भेड़िये की घटना सामने आई है, जिसके बारे में जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, आपका खून सर्द हो जाएगा…आपका दिमाग काम करना बंद कर देगा…इस खूनी भेड़िये ने अचानक 6 साल के बच्चे पर उसकी मां के सामने ही हमला कर दिया। जब तक मां कुछ समझ पाती, तब तक वह उसे जंगल में घसीट ले गया। अपने बच्चे को भेड़िये के मुंह का निवाला बनते देख मां तेजी से चीख पड़ी, जिससे आसपास के लोग लाठी-डंडे और जिसके हाथ में जो आया वही लेकर भेड़िये की ओर दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद घायल बच्चे की जान बच गई, तब मां ने राहत की सांस ली।

कई साल पहले भेड़ियो को मिल चुकी है मौत

यह घटना ऐसे भेड़िये की है, जिसे कई साल पहले मौत की सजा मिल चुकी है। आप चौंकिये मत…यह सच है। इस पूरे रहस्य को आपको बताएंगे। मगर आइये जानते हैं कि बच्चे पर भेड़िये के हमले के बाद, लोगों ने उसकी जान कैसे बचाई और अचानक भेड़िये ने बच्चे को अपना शिकार कैसे बना लिया।

बच्चे पर भेड़िये ने कैसे किया हमला

यह घटना नीदरलैंड के उत्तराखंड प्रांत के उत्रेच्ट की है, जहां 6 साल के बच्चे पर जंगली भेड़िये ने हमला कर दिया और उसे पलक झपकते ही जंगल में घसीट ले गया। बच्चे के शरीर पर भेड़िये के हमले से कई गंभीर घाव हो गए, जिन पर टांके लगाने की जरूरत पड़ी। बच्चे की मां ने शुरू में सोचा कि यह एक दोस्ताना कुत्ता है, लेकिन जब भेड़िये ने बच्चे पर छलांग मारकर हमला कर दिया और अचानक उसे जंगल की ओर घसीटा, तो मां को खतरे का एहसास हुआ। गनीमत थी कि वहां से गुजर रहे कुछ लोगों मां की चीख सुनकर लकड़ी के डंडों से मारकर भेड़िये को भागने पर मजबूर कर दिया। आखिरकार भेड़िया बच्चे को छोड़कर भाग गया।

भेड़िये को क्यों मिली थी मौत?

इस भेड़िये का नाम ब्रैम है, जो पूरे इलाके में बहुत ही ज्यादा कुख्यात और शरारती है। यह पूर्व में भी क्षेत्र के कई लोगों और कुत्तों पर घातक हमले कर चुका है। इसने अभी कुछ ही हफ्ते पहले ही डेन ट्रीक के पास एक पैदल महिला यात्री के पैर पर दो बार काटा था। इन घटनाओं के कारण ही भेड़िये को मौत की सजा दी जा चुकी है। स्थानीय अदालत ने ब्रैम को मार गिराने की अनुमति दी है, क्योंकि यह लोगों के लिए गंभीर खतरा है। मगर अब तक इसे मारा नहीं जा सका है। (इनपुट-द सन)

Recent Posts

*भव्य स्वागत के साथ शहर में विराजी माँ आदिशक्ति जगदंबा, कॉलोनी चौराहे पर गूंजा भक्तिमय *ढोल-नगाड़ों की गूंज, भक्तों का सैलाब और जयकारों से गूंजता शहर… चेत नवरात्रि में माँ जगदंबा का भव्य आगमन बना आस्था का महाउत्सव!*

*अफवाहों की आग में अवसर की रोटी सेंक रहे गैस एजेंसी धारक?* *आष्टा में गैस संकट की अफवाहों के बीच उपभोक्ताओं से हो रही अवैध वसूली*’ *शहर के बीचों-बीच टंकियों का स्टॉक बना खतरा, जरा सी लापरवाही कभी भी बन सकती हे बड़ा हादसा*

*खबर लिखी तो बौखलाया मास्टर, पत्रकार को दी गालियाँ और धमक IIअब सवाल ये—सच लिखना गुनाह है या लापरवाही छुपाना अधिकार?* *पत्रकार को दी गालियाँ और जान से मारने की धमकी, बीआरसीसी को सौंपा ज्ञापन*— *निलंबन की मांग तेज*

error: Content is protected !!