आष्टा / खाचरोद में हरदा आंदोलन को लेकर ऐतिहासिक सेवा-तैयारी
ग्राम खाचरोद में 21 तारीख को प्रस्तावित हरदा आंदोलन के मद्देनज़र राहगीरों और आंदोलन में शामिल लोगों के लिए भोजन-पानी व ठहरने की पूरी और पुख्ता व्यवस्था की जा रही व्यवस्था ।
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
यह तैयारी सिर्फ आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता की मिसाल बनकर सामने आई है।
पूरे खाचरोद ब्लॉक के सामाजिक लोग इस सेवा-कार्य में तन-मन-धन से जुटे हुए हैं। इस विशाल व्यवस्था का नेतृत्व हरेंद्र ठाकुर (सोनालिका) के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिनके साथ सामाजिक युवाओं की सक्रिय टीम लगातार मैदान में डटी हुई है।
सेवा-शिविर में वाकायदा बड़े टेंट लगाए गए हैं। भोजन व्यवस्था के लिए 35 हलवाई नियुक्त किए गए हैं, ताकि किसी भी समय कमी न पड़े। अनुमानतः करीब 10 हजार लोगों के लिए भोजन पैकेट तैयार रखने की योजना है। साथ ही शुद्ध पेयजल, विश्राम की सुविधा और समन्वय के लिए स्वयंसेवकों की अलग-अलग टीमें तैनात की गई है, ताकि आने-जाने वालों को किसी तरह की असुविधा न हो।
स्थानीय सामाजिक संगठनों का कहना है कि यह पहल सेवा, सहयोग और अनुशासन का उदाहरण है।
हरदा आंदोलन के दौरान खाचरोद से गुजरने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सम्मानपूर्वक भोजन और सहायता मिले—इसी भावना से यह संपूर्ण व्यवस्था की गई है।खाचरोद की यह तैयारी बताती है कि जब समाज साथ खड़ा होता है, तो सेवा अपने-आप आंदोलन बन जाती है।







