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सकल समाज संगठन के निर्णय को खारिज कर बोले हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष कालू भट्ट* — ‘कथित राजनीति से ग्रसित लोगों ने समिति को कमजोर करने की साजिश रची’आष्टा।

*सकल समाज संगठन के निर्णय को खारिज कर बोले हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष कालू भट्ट* —

‘कथित राजनीति से ग्रसित लोगों ने समिति को कमजोर करने की साजिश रची’आष्टा।
*दिनेश शर्मा आष्टा*

हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष कालू भट्ट ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सकल समाज संगठन के हालिया निर्णय को पूरी तरह खारिज करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष का निर्वाचन प्रक्रिया पूर्णतः समिति के सदस्यों के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि किसी अन्य संगठन के हस्तक्षेप से निर्धारित होता है।
कालू भट्ट ने खुलकर बताया कि पिछली बार हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष के मनोनयन में हुए आपसी विवाद के बाद बनी समन्वय समिति ने ओर सकल समाज संगठन को विकल्प के तौर पर अधिकार देकर निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई थी,पर आज वैकल्पिक व्यवस्था को सकल समाज ने पूरी तरह से अपना अधिकार मान कर फरमान जारी करना चालू कर दिया हे । आपको बता दे आपसी सहमति से सकल समाज संगठन की मध्यस्थता में निर्वाचन हुआ था, और उनके कार्यकाल से संतुष्ट होकर संगठन ने स्वयं ही आगामी दो वर्षों के लिए उनके कार्यकाल को लिखित अनुशंसा के माध्यम से बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था, जिसका कार्यकाल अभी शेष है।उन्होंने आरोप लगाया कि समिति विस्तार और सदस्यता अभियान चलाने की उनकी पहल को सकल समाज संगठन के कुछ राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों ने अनर्गल आरोप लगाकर रोक दिया। इन कथित लोगों ने राजनीतिक स्वार्थों के चलते समिति की सुचारू व्यवस्थाओं में दखलंदाजी शुरू की और समाज की सबसे बड़ी धार्मिक संस्था ‘हिंदू उत्सव समिति’ को कमजोर करने का षड्यंत्र रचा।
कालू भट्ट ने कहा कि यह सब उन्हीं लोगों के इशारों पर हो रहा है, जो तथाकथित “अदालत वाले बाबा” के मार्गदर्शन में राजनीति का प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि अब इस घेरे में शहर के वे चेहरे भी शामिल हो गए हैं जिन्हें लोग खुलेआम ब्लैकमेलर की नजर से देखते हैं।आय-व्यय को लेकर पूछे गए सवाल पर भट्ट ने कहा कि समिति का सारा हिसाब पारदर्शी है और वरिष्ठ जनों के कहने पर वह इसे प्रस्तुत करने को तैयार हैं। सकल समाज संगठन की वर्तमान स्थिति पर उन्होंने कहा कि इस समय एक ही समाज में कई-कई अध्यक्ष अपने तरीके से मनोनीत होकर सामने आ गए हैं, जो व्यवस्था संचालन में भारी भ्रम और अविश्वसनीयता पैदा कर रहे है।
उन्होंने जोर देकर कहा — “एक समाज, एक अध्यक्ष और एक वोट की नीति जरूरी है ताकि संगठन में एकरूपता और विश्वसनीयता बनी रहे।”
पत्रकारों द्वारा खेड़ापति कमल तालाब में नवरात्रि के समय फेंकी गई मछलियों के मुद्दे पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कालू भट्ट ने कहा कि घटना की सूक्ष्म जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि तालाब क्षेत्र में लंबे समय से असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना हुआ है और 20 वर्षों से एक व्यक्ति द्वारा राजनीतिक संरक्षण में अनैतिक तरीके से मछली पालन का ठेका चलाया जा रहा था, जिसे मानव अधिकार संगठन के प्रियांक कानूनगो ने जांच के बाद निरस्त करवाया था। कालू भट्ट ने कहा कि उसी निष्कासन से उपजी कुंठा का असर इस पूरे विवाद में साफ दिख रहा है।
आज पूरा शहर मुझे चाहता हे साथ ही मेरे कार्यों को भी सराहता हे।
हिंदू उत्सव समिति अध्यक्ष कालू भट्ट ने आगे कहा कि मैने लगभग अपने शहर के 600 लोगो को विभिन्न पदों पर मनोनीत कर कार्यकारणी की घोषणा कर दी हे साथ ही अब सदस्यता अभियान भी आरम्भ कर रहा हु, ताकि आने वाले समय में अध्यक्ष के निर्वाचन ने पुरानी परम्परा को पूर्णत निभाई जावे ।

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