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आष्टा कृषि उपज मंडी में सर्वर डाउन से दिनभर रुक रुक कर हुई नीलामी, किसानों-व्यापारियों की बढ़ी परेशानी

आष्टा कृषि उपज मंडी में सर्वर डाउन से दिनभर रुक रुक कर हुई नीलामी, किसानों-व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
आष्टा हलचल/दिनेश शर्मा
शुक्रवार को पूरे जिले सहित आष्टा कृषि उपज मंडी में ई-मंडी सर्वर डाउन रहने से किसानों और व्यापारियों को पूरे दिन जबरदस्त मुश्किलों का सामना करना पड़ा। एक ओर व्यापारियों के नए व्यापारिक वर्ष का शुभारंभ और खरीदी मुहूर्त था, वहीं दूसरी ओर सरकार की नई भावांतर भुगतान योजना की शुरुआत हुई। जिसमें किसानों का सकारात्मक रुझान नजर आया ।लेकिन पहले ही दिन ई-मंडी प्रणाली की तकनीकी गड़बड़ी ने पूरे दिन खरीदी व्यवस्था को चरमरा दिया।मंडी परिसर में सुबह से ही सोयाबीन, मक्का और अन्य फसलों की आवक अच्छी रही, परंतु सर्वर बार-बार ठप होने से ऑनलाइन पंजीयन और नीलामी प्रक्रिया बार-बार बाधित होती रही। किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि व्यापारी वर्ग बोली लगाने में असमर्थ रहे। इस कारण सोयाबीन सहित प्रमुख फसलों की नीलामी देर रात तक जानी पड़ी। बार बार सर्वर डाउन होने से ऐसा लग रहा था कि यह समस्या राज्यस्तरीय ई-मंडी पोर्टल की तकनीकी त्रुटि के कारण आई थी। जो कि भोपाल स्थित मंडी बोर्ड के नियंत्रण कक्ष से ही हो सकती हे,
सूत्रों के अनुसार, मंडी बोर्ड ने हाल ही में भावांतर योजना 2025 के सुचारू संचालन हेतु एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक सक्रिय रहेगा, ताकि व्यापारी और किसान समय रहते तकनीकी सहायता प्राप्त कर सकें��।किसान संगठनों ने नाराज़गी जताते हुए कहा कि खरीदी के चरम सीजन में इस तरह की तकनीकी खामियों ने उनकी मेहनत को संकट में डाल दिया है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि सर्वर प्रणाली को स्थायी तौर पर दुरुस्त किया जाए और मंडियों में वैकल्पिक ऑफलाइन प्रक्रिया की भी व्यवस्था की जाए।
जिससे कि सुचारू व्यवस्था ने किसी प्रकार समस्या न हो।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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