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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी

  स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष ऋतु के दौरान मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। जारी एडवाइजरी अनुसार कपकपी के साथ तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी होना, बेचैनी, कमजोरी, सुस्ती, मितली, ठंड, तपन महसूस होना आदि मलेरिया के लक्षण हो सकते हैं।

      जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मलेरिया से बचाव के मच्छरदानी का उपयोग करें और खिड़कियों एवं दरवाजों पर जाली लगायें। हल्के रंग के कपड़े पहनें एंव हाथ पैरों को पूरा ढ़कें।  हर सप्ताह कूलर, टंकी और बैरल के पानी को बदलें। आस पास पानी को जमा न होने दें।  इसके साथ ही तेज बुखार, उल्टी तथा शरीर में दर्द होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। डेंगू फैलाने वाला मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपता है। कूलर, टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रीज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन व टायर इत्यादि में को ढक कर रखें तथा अधिक दिनों तक यहां पानी जमा न रहने दें। यह मच्छर दिन के समय काटता है। कपड़ों से बदन को पूरी तरह ढ़ककर रखें। इस प्रकार लक्षण दिखाई देने पर तुरंत अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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