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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

जिला न्यायालय परिसर में प्रधान जिला न्यायाधीश ने किया पौधरोपण

विधिक सेवा प्रकृति की रक्षा” का संकल्प दिलाया गया और अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील की कई।

      न्यायाधीश एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती स्वप्नश्री सिंह ने बताया कि पर्यावरण के संरक्षण के उद्देश्य से राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार 15 जुलाई से 15 सितंबर 2025 तक वृहद वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत जिला एवं तहसीलों पर जल की उचित व्यवस्था एवं संरक्षित स्थानों पर पीपल, नीम, वट वृक्ष, इमली, बेल, कविट, आंवला, कटहल और आम आदि के पौधे रोपित किए जा रहे हैं और उनका संरक्षण भी किया जा रहा है।

      इस अवसर पर प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री वैभव मंडलोई, विशेष न्यायाधीश श्री हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश श्री संजय गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती विनीता गुप्ता, न्यायाधीश श्री दीपेन्द्र मालू, रेंज ऑफिसर श्री चंदर सिंह भिलाला, अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री राधेश्याम यादव, शासकीय अधिवक्ता श्री शरद जोशी, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री जीशान खान, एनजीओ के प्रतिनिधिगण, सामाजिक कार्यकर्ता अन्य अधिवक्तागण, लीगल एड डिफेंस काउंसिल श्री राजेन्द्र कुशवाह, आसिफ खान, श्री अमन कुलश्रेष्ठ, कु.एकता सेन, कु. संयोगिता सोलंकी, न्यायालयीन कर्मचारीगण, विधिक सेवा के कर्मचारीगण व पैरालीगल वालेन्टियर्स ने भी पौधरोपण किया।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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