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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

Author: ashta Kesari

*आचार्य श्री अदभुत शिल्पी थे –मुनिश्री* *निष्पक्ष सागर महाराज जिसका अंत नहीं ऐसे अनंत गुणों के धारी भगवान है –मुनिश्री* *निष्प्रह सागर महाराज जैन धर्म में महापुरुषों का जन्म पापियों के उद्धार के लिए होता है।कंकर को शंकर बनाया,आचार्य भगवंत ने- मुनिश्री निष्कंप सागर महाराज किसी के उपकार को कभी भी भूले नहीं — मुनिश्री निष्काम सागर महाराज* ।

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*आष्टा डाक्टर अरूप विश्वास के खिलाफ लगे आरोपों की वास्तविकता की जांच करने आई जिले से डाक्टरों की टीम* *अरूप विश्वास की लापरवाही से कई नेत्र रोगी हो रहे है परेशान*, कर रहे ही सख्त कार्यवाही की मांग*

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*आष्टा सिविल अस्पताल में व्याप्त भर्राशाही* *बेलगाम हुए डाक्टर और कर्मचारी* *कब होगी कार्यवाही कर्मचारियों पर,विधायक की फटकार का भी नही हो रहा असर* *रोजाना मरीज होते हैं परेशान* *बीएमओ दिखाई दे रहे है असहाय*

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 *जिसके मन में भगवान की पूजा अर्चना, स्वाध्याय आदि करने की भावना न हो वह व्यक्ति अमृत चखते हुए भी विषपान कर रहे*  — *मुनिश्री निष्प्रह सागर महाराज*  *गल्ला व्यापारी संजय जैन चातुर्मास समिति के मुख्य संयोजक बने, समाज ने बहुमान किया* 

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