*आष्टा में चातुर्मास प्रवेश महोत्सव 2026: श्रद्धा-उत्साह से भव्य आयोजन 3 जुलाई से*
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
नगर के जैन समुदाय के लिए आध्यात्मिक उल्लास का प्यारा अवसर आ गया है — गिरनार मंडन श्री नीमीनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर, किला आष्टा में चातुर्मास प्रवेश महोत्सव 2026 का भव्य आयोजन 3 जुलाई (शुक्रवार) से आरंभ होगा। पूज्य आचार्य श्रीमद् विजय चंद्रप्रभ सुरिश्वरजी महाराज की प्रेरणा तथा परम पूज्य पंन्यासप्रवर श्री राजहंस विजयजी महाराज की दिव्य सान्निध्यता में यह पर्व धर्म, साधना और आत्मकल्याण की भावना से समर्पित रहेगा।
भव्य प्रवेश यात्रा प्रातः 8 बजे
प्रवेश महोत्सव की भव्य शोभायात्रा 3 जुलाई को प्रातः 8:00 बजे दादावाड़ी कन्नौद रोड स्थित महावीर स्वामी मंदिर के निकट से प्रस्थान करके श्री नीमीनाथ मंदिर पहुंचेगी। यात्राके बाद नवकारसी का विशेष आयोजन होगा, जिसमें श्रद्धालु सहभागिता कर सकेंगे।
प्रवचन और अनुष्ठान—पहला दिन विशेष
चातुर्मास के प्रथम दिवस पर 33वीं दीक्षा तिथि महोत्सव भी मनाई जाएगी। इस अवसर पर “चातुर्मास रहस्य एवं जैन दीक्षा का महत्व” विषय पर विशेष प्रवचन होगा। प्रवचन में प्रमुखतः दीक्षा का अर्थ और आवश्यकता, परिवार के साथ दीक्षा लेने की प्रेरणा, आत्मस्वरूप की पहचान (Know The Self), आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग और राग-द्वेष से मुक्त जीवन की साधना जैसे विषयों पर प्रकाश डाला जाएगा।
4–5 जुलाई: प्रेरणादायी प्रवचन श्रृंखला
अगले दो दिनों में धर्म की सच्ची अनुभूति, जीवन निर्माण में धर्म की भूमिका, संस्कार निर्माण, परिवार एवं समाज में माताओं की भूमिका, तथा घर-घर गुरुकुल जैसी संस्कृति के विकास पर विस्तृत मार्गदर्शन दिया जाएगा। गुरु कृपा और साधना के व्यवहारिक पहलुओं पर भी विशेष ध्यान रहेगा।
विशेष आकर्षण व सेवा व्यवस्था
5 जुलाई को पाट प्रतिक्रमण पूजा का आयोजन होगा। प्रवेश एवं दीक्षा तिथि पर नवकारसी की विशेष व्यवस्था रहेगी। समिति ने बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व दीक्षार्थियों के लिए तीन दिनों तक निशुल्क नाश्ता, भोजन व सामायिक हॉल में ठहरने की व्यवस्था की है ताकि वे सहज रूप से धर्म लाभ ले सकें।
आयोजन समिति का आवाहन
श्री जैन श्वेताम्बर श्री संघ, आष्टा व चातुर्मास समिति ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से अनुरोध किया है कि वे परिवार सहित प्रवेश यात्रा, प्रवचनों व अनुष्ठानों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस आध्यात्मिक पर्व को सफल बनाएं और आत्मोन्नति का अवसर प्राप्त करें।
आयोजक: श्री जैन श्वेताम्बर श्री संघ, आष्टा; चातुर्मास समिति, आष्टा







