“कानून के रखवाले या अपराधियों के संरक्षक?”
*आष्टा/सिद्दीकगंज/दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*.
शासकीय कार्य में जानलेवा हमला, एफआईआर से इनकार पर सोमवार को जनपद आष्टा की पंचायतों में तालाबंदी
जनपद आष्टा की ग्राम पंचायतों में सोमवार, 23 फरवरी को पूर्ण तालाबंदी हड़ताल का ऐलान कर दिया गया है। आरोप है कि ग्राम लाखुखेड़ी में शासकीय कार्य कर रहे अनुसूचित वर्ग के पीसीओ विश्राम मालवीय एवं ग्राम पंचायत गुराड़िया वाज्याप्त के सचिव पर जानलेवा हमला हुआ, लेकिन सिद्धिकगंज थाना प्रभारी ने कार्रवाई करने के बजाय पीड़ितों के साथ ही अभद्रता की।
संयुक्त मोर्चा के अनुसार, जब पीसीओ एवं सचिव शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया, एफआईआर दर्ज नहीं की गई और कथित रूप से गाली-गलौज कर भगा दिया गया। आरोप है कि थाना प्रभारी द्वारा आरोपियों को संरक्षण दिया जा रहा है।
इस घटना से पंचायत अमले में भारी रोष है। सरपंच/सचिव/ग्राम पंचायत संयुक्त मोर्चा, जनपद आष्टा सीहोर ने इसे शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा पर सीधा हमला बताते हुए आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।
🛑 सोमवार का कार्यक्रम
जनपद आष्टा की सभी ग्राम पंचायतों में तालाबंदी
दोपहर 12 बजे जनपद परिसर में एकत्रीकरण
एसडीएम आष्टा को ज्ञापन
तत्पश्चात सीहोर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा जाएगा
संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर तत्काल प्रकरण दर्ज नहीं हुआ और संबंधित थाना प्रभारी पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा ।






