*अवैध मुरम उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई*
*गोपालपुर चरणोई जंगल में माइनिंग विभाग का छापा, फोकलेन मशीन व दो डंपर जप्त*
*कार्रवाई सराहनीय, लेकिन जानकारी देने से बचता विभाग—संदेह के घेरे में अधिकारी*
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
आष्टा।
शहर के समीप ग्राम गोपालपुर स्थित चरणोई जंगल क्षेत्र में कई दिनों से चल रहे अवैध मुरम उत्खनन पर आखिरकार माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खुदाई में लगी एक फोकलेन मशीन एवं दो डंपरों को जप्त किया है। यह कार्रवाई जिले से आए माइनिंग विभाग के जांच दल द्वारा की गई।
सूत्रों के अनुसार, जप्त की गई मशीनें और डंपर किसी बाहरी कंपनी के बताए जा रहे हैं, यह कंपनी खोदी जा रही इस मुरम को हाईवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर सप्लाय के साथ साथ शहर में अनैतिक रूप से बेच रही है
बताया जा रहा है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के लंबे समय से जंगल क्षेत्र में यह कंपनी खुलेआम खुदाई करवा रही थी
*पहले भी कर चुका है बड़ा खेल*
सूत्र यह भी बताते हैं कि अवैध उत्खनन में लिप्त व्यक्ति द्वारा पूर्व में समीपस्थ ग्राम चिन्नोथा में मात्र 0.078 हेक्टेयर भूमि की अनुमति लेकर करीब तीन एकड़ क्षेत्र में अवैध खुदाई की गई थी, जिससे लाखों रुपये का मुनाफा कमाया गया। क्योकि खुदाई वाले स्थान को देख कर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से निजी जमीन की आड़ में सरकारी जमीन खोद कर तालाब बना दिए है । आपको बता दे लंबे समय से चल रहे इस खनन के खेल को ऐसा भी नहीं लगता कि जिम्मेदार अधिकारी और विभाग न जानता हो? इसके बावजूद कार्रवाई न होना, विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
*कार्रवाई के बाद भी संदेह*
हालांकि माइनिंग विभाग की यह कार्रवाई काबिले तारीफ कही जा सकती है, लेकिन इसके बाद जो स्थिति सामने आई, वह कई शंकाओं को जन्म देती हे ।जांच दल द्वारा जप्त किए गए संसाधनों को आष्टा पार्वती थाना क्षेत्र से हटकर जावर थानत अंतर्गत डोड़ी चौकी पर खड़ा किया गया, जो आमजन की समझ से परे है।
इतना ही नहीं, जब इस संबंध में जांच दल में शामिल खुशबू मैडम से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने “जिले में बैठे खनिज अधिकारी” का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं, जिले में पदस्थ खनिज अधिकारी धर्मेंद्र चौहान से बार-बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर विभाग अपनी ही सफल कार्रवाई की जानकारी देने से क्यों बच रहा है?
माफिया और संरक्षण देने वालों में बेचैनी
इस कार्रवाई के बाद खनिज माफियाओं और उनके कथित संरक्षणदाताओं में बेचैनी साफ देखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि आष्टा ही नहीं, बल्कि जावर सहित पूरी तहसील में अवैध उत्खनन का कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा है और माफिया खुलेआम लाखों रुपये कमा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो गोपालपुर क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भी भारी शिकवा-शिकायतों के बाद ही संभव हो सकी। यदि पकड़े गए मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, तो क्षेत्र में हुई अन्य कई अवैध खुदाइयों के बड़े खुलासे हो सकते हैं।
*अब निगाहें आगे की कार्रवाई पर*

अब देखने वाली बात यह होगी कि माइनिंग विभाग जप्त की गई फोकलेन मशीन और डंपरों के विरुद्ध कितनी सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।







