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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

*धनंजय जाट बने प्रदेश संगठन मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष विलास पटेल एवं राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र सिंह पचोर ने सोपा नियुक्ति पत्र* 

धनंजय जाट बने प्रदेश संगठन मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष विलास पटेल एवं राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र सिंह पचोर ने सोपा नियुक्ति पत्र*

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

आष्टा- अखिल भारतीय जाट महासभा युवा प्रदेश सचिव धनंजय जाट की सक्रियता को देखते हुए प्रदेश अध्यक्ष विलास पटेल, राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र सिंह पचोर, महिला प्रदेश अध्यक्ष अयोध्या जी गोदारा द्वारा धनंजय जाट को प्रदेश संगठन मंत्री नियुक्त किया गया। अखिल भारतीय जाट महासभा समाज का एक ऐसा सक्रिय संगठन है जो लगातार सामाजिक गतिविधियों एवं सामाजिक कार्य में अपनी उपस्थिति से लेकर समाज के हर छोटे से बड़े सामाजिक मुद्दों पर अपनी अहम भूमिका निभाने वाला संगठन है, इस संगठन से देश प्रदेश सहित अन्य देश से भी जाट समाज के लोग जुड़कर समाज में अपनी सेवा दे रहे हैं। संगठन का अर्थ मिले दायित्व को ज़िम्मेदारी न समझकर सामूहिक रूप से एक साथ मिलकर काम करना। इसी उद्देश्य से संगठन को और मजबूती प्रदान करने हेतु संगठन में देशभर से समाज के युवाओं को जोड़ा जा रहा है, इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में संगठन को और मजबूती देने एवं संगठन का विस्तार करने हेतु अखिल भारतीय जाट महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव श्री युद्धवीर सिंह, राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र सिंह पचोर, प्रदेश अध्यक्ष विलासजी पटेल एवं महिला प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती अयोध्या जी गोदारा की अनुशंसा पर युवा प्रदेश सचिव का दायित्व निभा रहे धनंजय जाट की सक्रियता एवं मेहनत को देखते हुए उन्हें अखिल भारतीय जाट महासभा प्रदेश संगठन मंत्री नियुक्त किया गया। राष्ट्रीय सचिव राजेंद्र सिंह पचोंर ने बीते महा जब धनंजय जाट के निवास पहुंचे थे तो उन्होंने कहा था कि तुम बहुत अच्छा काम कर रहे हो, बहुत कम समय में तुमने बहुत अच्छा नाम किया है, समाज के साथ ही अन्य समाज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में भी एक अलग पहचान स्थापित की है, आगे भी ऐसे ही कार्य करते रहो एवं समाज में युवा प्रदेश सचिव का दायित्व भी बहुत अच्छे से निभा रहे हो जल्द ही तुम्हें बड़ी जिम्मेदारी मिलने वाली है, इस पर धनंजय जाट ने कहां की यहां तो मेरे लिए सौभाग्य की बात है आपके एवं प्रदेश अध्यक्ष भाई साहब विलास पटेल जी के माध्यम से अखिल भारतीय जाट महासभा से जुड़कर समाज हित में कार्य करने का अवसर मिला। मैं आगे भी भाई साहब विलास पटेल जी एवं आपके मार्गदर्शन से अखिल भारतीय जाट महासभा से जुड़ा रहकर समाज हित के कार्य करता रहूंगा।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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