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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

तैयारी हुई पूरी,कल से प्रारंभ होगा पाॅच दिवसीय भव्य मानस सम्मेलन, बाल संत प्रियांशु जी महाराज के आशीर्वचनों से होगा धर्ममय अमृत कथा का आगाज।

तैयारी हुई पूरी,कल से प्रारंभ होगा पाॅच दिवसीय भव्य मानस सम्मेलन,
बाल संत प्रियांशु जी महाराज के आशीर्वचनों से होगा धर्ममय अमृत कथा का आगाज।
दिनेश शर्मा आष्टा हलचल
आष्टा। नगर के स्थानीय श्री मानस भवन में मानस सम्मेलन समिति द्वारा आयोजित मानस सम्मेलन आज दिनांक 22 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक दिन के 1 बजें से 5 बजें तक आयोजित होने जा रहा है। उक्त सम्मेलन के लिए समिति द्वारा नगर के प्रमुख मार्गो पर तोरण द्वार, बेनर पोस्टर सजाए गये है। नगर, नगर, ग्राम-ग्राम तक मानस सम्मेलन की जानकारी स्थानिय समिति द्वारा प्रचार प्रसार के माध्यम से पहंॅुचाई गई है।
बहेगी धर्म की गंगा – मानस सम्मेलन में पधार रहे कामठगिरी पीठाधीश्वर जगतगुरू, रामस्वरूपाचार्य जी महाराज, पूज्य संत डां मदनगोपालदास जी, बाल संत प्रियांशु जी महाराज एवं नगर आष्टा के पूज्य संत दीपकदास जी महामण्डेलश्वर के मुुखाग्र बिंद से नगर में पाॅच दिवसीय धर्म एवं ज्ञान की गंगा बहेगी, जिसको सुनने के लिए नगर एवं ग्रामीण के समस्त धर्मप्रेमी बंधु सादर आमंत्रित रहंेगे।
भव्य शोभा यात्रा – सम्मेलन 22 दिसम्बर से प्रारंभ होगा, सम्मेलन के प्रमुख संत कामठगिरी पीठाधीश्वर जगतगुरू रामस्वरूपचार्य का आगमन 23 दिसम्बर को होगा, अतएव शोभा यात्रा 23 दिसम्बर दिन मंगलवार को स्थानीय गायत्री मंदिर से प्रातः 10 बजें से प्रारंभ होकर बुधवारा मार्ग से श्री मानस भवन पहुंचेगी। शोभा यात्रा का भव्य स्वागत मुख्य मार्गो पर किया जाएगा।
सुचारू व्यवस्था – मानस सम्मेलन में पधार रहे समस्त महाराज, अतिथिगण एवं आमजन के लिए आवागमन के लिए काफी अच्छी व्यवस्था समिति के द्वारा की गई है। बडे वाहनो एवं छोटे वाहनो के लिए अलग अलग पार्कींग की व्यवस्था की गई जिससें आसपास रहने वालो व्यापारियो एवं आमजन को आनेजाने में किसी भी परेशानियो का सामना ना करना पडे।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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