RNI NO MPHIN/2023/91045

प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

आज भारतीय किसान संघ आष्टा की मासिक बैठक कृषि उपज मंडी के बैठक कक्ष में आयोजित की गई, नई मंडी में नीलामी शीघ्र हो प्रबल मांग

आष्टा

आज भारतीय किसान संघ आष्टा की मासिक बैठक कृषि उपज मंडी के बैठक कक्ष में आयोजित की गई

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

जिसमें सर्वप्रथम तहसील अध्यक्ष ने ध्वज लगाया तत्पश्चात कार्यक्रम में पधारे मध्य भारत प्रांत संगठन मंत्री सम्माननीय भाई साहब भरत जी पटेल द्वारा दीप प्रज्वलन कर एवं जिला अध्यक्ष और समस्त जिला और तहसील के कार्यकर्ता द्वारा भारत माता और भगवान बलराम के चित्र पर पुष्प अर्पण कर संगठन के नारे लगाते हुए बैठक की विधिवत शुरुआत की गई तत्पश्चात परिचय एवं गीत का कार्यक्रम हुआ बैठक में विभिन्न रचनात्मक एवं संघात्मक कार्यक्रमों की चर्चा की गई और किसानो की विभिन्न समस्याओं पर पर विस्तार से चर्चा की गई जिसमें प्रमुख रूप से वर्तमान में बिजली खाद आदि में आ रही परेशानियों एवं मुख्य रूप से मंडी में नई मंडी मैं नीलामी शीघ्र शुरू हो ऐसी भारतीय किसान संघ की मांग है क्योंकि वर्तमान मंडी में आए दिन आवक अधिक होने से किसानों को बहुत परेशानी आती है साथ में शासन ने काफी धनराशि नई मंडी के निर्माण में लगाई है और जो निर्माण वहां पर हुआ है बिना देखरेख के कारण उसमें भी नुकसान हो रहा है यदि आगामी गेहूं सीजन तक नई मंडी में नीलामी शुरू नहीं होती है तो आगामी दिनों में भारतीय किसान संघ इस विषय को लेकर आंदोलन करने के लिए विवश होगा बैठक में राजस्व ,सहकारिता, कृषि, पशुपालन आदि विभागों से जुड़ी हुई समस्याओं पर भी चर्चा हुई बैठक में मुख्य रूप से उपस्थित हुए मध्य भारत प्रांत संगठन मंत्री सम्माननीय भरत जी पटेल जिला अध्यक्ष राकेश जी वर्मा तहसील अध्यक्ष जितेंद्र जी आर्य

युवा वाहिनी संयोजक सचिन पटेल जिला कार्यकारिणी सदस्य मोतीलाल जी मंडलोई ज्ञान सिंह जी मेवाड़ा जिला कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र जी पटेल तहसील उपाध्यक्ष शिवनारायण जी कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन जी पखनी रमेश जी बडोदिया गाडरी विनोद जी मांगीलाल जी आर्य खामखेड़ा राम सिंह जी ज्ञान सिंह जी डाबड़ी आत्माराम जी मालवीय ओमप्रकाश जी परमार आदि किसान कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे l

 

Recent Posts

ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

error: Content is protected !!