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*ड्राई फ्रूट्स किराना व्यापारी के यहाँ लगी भयानक आग*

 

*ड्राई फ्रूट्स किराना व्यापारी के यहाँ लगी भयानक आग*

*भोपाल के व्यस्ततम एवं पुराने मार्केट हनुमानगंज गल्ला बाजार में ड्राई फ्रूट्स किराना व्यापारी अमित बत्रा के जहाँ भयंकर आग लगी।*

भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री विवेक साहू ने बताया की मैं हनुमानगंज मार्केट में ही रहता हूं, रात्रि करीब 11.30 के बाद कुछ जलने की बदबू एवं धुआँ का एहसास हुआ,बाहर जाकर देखा तो बहुत से लोग शंकर बत्रा एवं अमित बत्रा की ज्ञानचंद एंड संस प्रतिष्ठान के बाहर खड़े हुए थे, जहाँ भयंकर आग लग चुकी थी, फायर ब्रिगेड के साथ पुलिस प्रशासन भी आ गई परन्तु दुकान मालिक को कुछ समय लग गया जिसके कारण शटर खुलने में समय लग गया, फिर फायर ब्रिगेड ने तत्परता के साथ आग को काबू में पाया गया, आग पूर्ण रूप से बुझाने में रात्रि करीब 1:00 बज गए थे।
कारोबारी अमित बत्रा एवं शंकर बत्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टता में आग शॉर्ट सर्किट की वजह से हो सकती है, वही अभी नुकसान का आकलन करना अभी मुश्किल है ड्राई फ्रूट्स मेंहगे आइटम होते हैं फिर भी लाखों का नुकसान हो चुका है मैंने अभी 22 जनवरी को ही नई दुकान खोली थी।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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