आष्टा
पुलिस की वाहन चेकिंग: सुरक्षा के लिए कार्रवाई या गरीबों पर बढ़ता बोझ?
वाहनो की चेकिंग सही में जाँच या ———-?
दिनेश शर्मा आष्टा
आष्टा। नगर में इन दिनों वाहन जांच और चालानी कार्रवाई को लेकर आमजन आम ग़रीब जिस तरह से पुलिस की मनमानी का शिकार हो रहा हे यह बात अब शहर मेंचर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर शहर के विभिन्न प्रवेश मार्गों पर ट्रैफिक पुलिस नियमित रूप से वाहन चेकिंग करती दिखाई देती है, तो दूसरी ओर थाना परिसर के सामने भी खाकी पुलिस द्वारा रोज चालानी का अभियान चलाया जा रहा है।
थाने के सामने का परिदृश्य यह कहता की इन कार्रवाइयों का सबसे अधिक असर उन ग्रामीण मजदूरों, हम्मालों और निम्न आय वर्ग के लोगों पर पड़ रहा है, जो प्रतिदिन रोजगार और मजदूरी के लिए शहर आते हैं। उनका आरोप है कि दिनभर की मेहनत से कमाई गई राशि का एक हिस्सा चालान के रूप पुलिस को में देना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और प्रभावित हो रही है। और थाने की पुलिस जिस तरह बेरहमी से चलानी कार्यवाही कर रही हे उससे कहीं न कहीं कायवाही की प्रक्रिया और राजस्व की वसूली कितनी ईमानदारी से हो रही होगी इसका अंदाजा भी लगाया जा सकता है ।
नागरिकों का यह भी कहना है कि कई मामलों में वाहन चालकों के दस्तावेजों की विस्तृत जांच की बजाय सीधे नियम उल्लंघन के आधार पर चालानी कार्रवाई की जाती है। कुछ पीड़ित लोगों का आरोप है कि कई बार कार्रवाई के दौरान पुलिस राशिद भी उपलब्ध नहीं करती हे,ऐसे में खाकी पुलिस की चालानी कार्यवाही और भी उंगली उठना लाजिमी हो जाता है ।
इन दिनों थाना परिसर के सामने बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहनों को रोककर जांच एवं चालानी कार्रवाई के नाम पर हुजूम लगा देखा जा सकता है ।
और लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि कार्यवाही का मुख्य उद्देश्य यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना है ना की नियमों की आड़ में वसूली कर राजस्व संग्रह बढ़ाना। या ———?
नगरवासियों का कहना है कि सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करवाना पुलिस की जिम्मेदारी है, लेकिन इसके साथ यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा गरीब, मजदूर और ग्रामीण वर्ग स्वयं को निशाना बनाए जाने का अनुभव न करें।
अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इन उठ रहे सवालों पर क्या स्पष्टीकरण देता है और भविष्य में जांच अभियान को लेकर आमजन की चिंताओं को किस प्रकार दूर करता है।
या थाने के सामने ऐसी ही कार्यवाही चलती रहेगी ?







