*आष्टा मंडी में किसानों की पीड़ा गूंजी, समर्थन मूल्य पर खरीदी नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी*
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी कड़ी में किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने बीते दिवस आष्टा कृषि उपज मंडी पहुंचकर किसानों से सीधे संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए।
चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित गेहूं के समर्थन मूल्य पर खरीदी में लगातार देरी की जा रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट में फंसता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 10 तारीख से बिना किसी देरी के समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी शुरू नहीं की गई, तो किसान कांग्रेस किसानों के साथ मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री के निवास का घेराव करेगी।

उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ की सरकार का हवाला देते हुए कहा कि उस समय विपक्ष में रहते हुए शिवराज सिंह चौहान स्वयं किसानों के समर्थन में खेतों में उतरे थे, जबकि आज वे केंद्रीय कृषि मंत्री हैं, फिर भी किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
चौहान ने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार किसानों से ऋण वसूली के लिए 28 मार्च की समय सीमा तय करती है, वहीं दूसरी ओर गेहूं खरीदी की तारीख लगातार टाली जा रही है। इस दोहरी नीति के कारण किसान कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है और मजबूरी में अपनी उपज कम कीमत पर बेचने को विवश है, ताकि बैंक ऋण और बिजली बिल चुका सके।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान सरकार ने किसानों से 3000 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार अपने वादे से पीछे हटती नजर आ रही है। सरकार की नीतियों के चलते प्रदेश के लाखों किसान डिफॉल्टर हो चुके हैं।

कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस नेता पंकज मुकाती ने भी मंडी में किसानों को आ रही स्थानीय समस्याओं से प्रदेश अध्यक्ष को अवगत कराया। इस पर चौहान ने तत्काल मंडी प्रशासन से मुलाकात कर समस्याओं के समाधान की मांग की।
उन्होंने मंडी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंडी प्रांगण में बड़ा धर्मकांटा होने के बावजूद किसानों की उपज छोटे कांटों पर तौली जा रही है, जो गलत है। साथ ही नीलामी के बाद उपज मंडी प्रांगण के बाहर कैसे जा रही है, इस पर भी उन्होंने आपत्ति जताई और संबंधित नियमों की जानकारी मांगी।
चौहान ने चेतावनी दी कि किसानों के साथ हो रही किसी भी प्रकार की अनियमितता और शोषण को तत्काल रोका जाए और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस दौरान किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं किसान उपस्थित रहे।







