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मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

सिंहस्थ 2028 उज्जैन में आष्टा की महती भूमिका रहेगी,जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरी

सिंहस्थ 2028 उज्जैन में आष्टा की महती भूमिका रहेगी,जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरी

दिनेश शर्मा आष्टा हलचल
आष्टा भारत के ह्रदय में बसा है और संत समाज के भी ह्रदय में विशेष स्थान रखता है ।  क्षिप्रा ,पार्वती , नेवज और पापनाशिनी जैसी सलिलाओं के पुण्य प्रवाह में अवगाहन करती मालवा वासियों की निष्ठा और आष्टा की आस्था से सदैव अभिभूत हूँ । आस्था की नगरी आष्टा और वहाँ के भक्तजन सचमुच अनूठे हैं । यह उद्गार आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज ने सालासर बालाजी धाम राजस्थान  में प्रभु प्रेमी संघ के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा में व्यक्त किये । प्रभु प्रेमीसंघ आष्टा के अनन्य सदस्य तथा प्रखर गुरु भक्त  राजकुमार एवं जितेंद्र साहू ने परिवार सहित भेंट कर नगरवासियों की ओर से पूज्य स्वामी जी की चरण वंदना करके उन्हें आष्टा नगर पधारने का आमंत्रण दिया । ज्ञातव्य है कि नगर में स्वामी जी की कथाओं में प्रथम कथा श्रावक राजा परीक्षित की भूमिका में रहे  जितेंद्र साहू संग श्रीमती शालिनी साहू तथा उनके परिवार की प्रभुप्रेमी संघ  द्वारा आयोजित अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका रहती है । साहू परिवार के अग्रज  राजकुमार साहू  श्री मति रीना साहू जितेंद्र साहू श्रीमती शालिनी साहू एडवोकेट  , मास्टर आनन्द ,उत्सव के साथ ही संजय चौरसिया राहुल मेवाड़ा आदि ने भी पूज्य अवधेशानन्द जी से भेंट करके आष्टा नगर में हाल ही में प्रभुप्रेमी संघ के बैनर तले “ये चमक ये दमक फुलवन में महक” फेम  पंडित सुधीर व्यास की भजन संध्या एवम सभी गतिविधियों का प्रतिवेदन  देकर पूज्य स्वामी जी से सिंहस्थ 2028 के पूर्व नगर प्रवास का अनुरोध किया । बताते चलें कि भारत की सांस्कृतिक धार्मिक तथा सनातन परम्पराओं और लोक पर्वों के नीति निर्देशक तथा आध्यात्मिक चेतना के उन्नायक जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानन्द गिरी जी महाराज  की महनीय कृपा आष्टा नगर पर सदैव बरसती रहती है आचार्य महामंडेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी महाराज की पावन उपिस्थति में उज्जैन में ईस्वी वर्ष 2028 में सिंहस्थ आयोजित होने जा रहा है। स्वामी जी ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध सिंहस्थ में पूर्व के सिंहस्थ से बढ़कर आष्टा वासियों को श्रेष्ठ भूमिका मिलेगी उस हेतु सभी तैयार रहे ।सिंहस्थ पूर्व ईश्वर  ने चाहा तो मै संत समाज के साथ आष्टा में जरूर आऊंगा।
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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

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