RNI NO MPHIN/2023/91045

प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

जन-जन को जोड़ें हर घर तिरंगा अभियान से : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

युवाओं की बढ़ाएं सहभागिता
हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग अभियान की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आजादी अनमोल है। आजादी सिर्फ़ एक अधिकार मात्र नहीं है, यह हमें देश के विकास में हर संभव योगदान देने का कर्तव्यबोध भी कराती है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुचिता और मेड इन इंडिया प्रोडक्ट्स (स्वदेशी वस्तुएं) अपनाने की जागरूकता को भी हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान के दौरान प्रभावी गतिविधियां की जाएं। इसे ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य पराक्रम से जोड़कर युवाओं की सहभागिता बढ़ाएं। अधिक से अधिक तिरंगा यात्रा, तिरंगा रैली, मानव श्रृंखलाएं, साइकल रैली, बाइक रैली, रंगोली प्रतियोगिता और देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अभियान में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित की जाए। आमजन को आसानी से राष्ट्रध्वज उपलब्ध कराए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि तिरंगा यात्रा के संदर्भ में जिले के स्थानीय जनप्रतिनिधियों से परामर्श लेकर जिले के प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों, सांस्कृतिक मंडलों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, लोकतंत्र सेनानियों, पेंशनर्स, सेवानिवृत्त सैनिकों और समाजसेवियों को भी आवश्यक रूप से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को निवास स्थित समत्व भवन में “हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग” अभियान के क्रियान्वयन के संबंध में उच्चस्तरीय बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में वर्चुअली जुड़े प्रदेश के सभी कमिश्नर्स, कलेक्टर्स, आईजी और पुलिस अधीक्षकों से कहा कि हर घर तिरंगा अभियान में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ समुचित समन्वय कर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय होकर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि हर घर तिरंगा अभियान देशभक्ति, स्वच्छता और स्वदेशी भावना को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प है। हर घर तिरंगा अभियान में झण्डे के निर्माण और झण्डे के इतिहास से संबंधित कहानियों एवं प्रसंगों का प्रचार-प्रसार किया जाए। इस विषय पर बच्चों की चित्रकला प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जा सकती हैं, इससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत होगी। उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्राओं और तिरंगा रैलियों में राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री जे.एन. कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, अपर मुख्य सचिव श्री संजय दुबे, अपर मुख्य सचिव श्री अनुपम राजन, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री संदीप यादव, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देश और प्रदेश के विकास में सबकी सहभागिता और सबका योगदान जरूरी है। प्रदेश के हर नागरिक को हर घर तिरंगा अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान का संचालन सुचारू और नियोजित तरीके से किया जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग इससे जुड़ें। तिरंगे के साथ सेल्फी लेकर आमजन हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने कहा कि अभियान के शेष दिनों में सभी कलेक्टर्स प्रिंट, सोशल मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि जनसंचार माध्यमों में अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करें। रोजाना की गतिविधियों को मीडिया को दें, जिससे जनसामान्य इस अभियान से जुड़ें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभियान के लिए झण्डों की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली जाए। इसमें स्वसहायता समूहों की मदद भी लें। जिला पर्यटन विकास परिषद के माध्यम से तिरंगा यात्रा एवं अन्य आकर्षक आयोजनों के जरिए भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की सांस्कृतिक विरासतों के बारे में जनसामान्य को बताएं। जिलों में मौजूद धार्मिक और लोकमान्यता वाले स्थलों पर भी हर घर तिरंगा से जुड़ी गतिविधियां की जाएं। साथ ही जिले के स्थानीय रणबांकुरों, क्रांतिकारियों, स्वतंत्रा सेनानियों तथा स्वतंत्रता के बाद देश की एकता और अखण्डता के लिए अपना बलिदान देने वाले वीर सैनिकों का पुण्य स्मरण भी तिरंगा अभियान के दौरान किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना के जवानों और विभिन्न अभियानों में शहीद हुए जवानों के परिजन को 13 से 15 अगस्त तक होने वाले हर घर तिरंगा अभियान एवं स्वाधीनता दिवस कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए। इसमें व्यापारिक और व्यावसयिक संगठनों का सहयोग लें। हर घर तिरंगा अभियान के अनुभवों का दस्तावेजीकरण भी कर लें।

बैठक में अभियान के नोडल संस्कृति विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने अभियान के अंतर्गत अब तक हुईं गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान का प्रथम चरण बखूबी पूरा कर लिया गया है। प्रदेश के 406 निकायों में 1331 जनजागरूकता अभियान चलाए गए। करीब 1700 विद्यालयों में तिरंगा से प्रेरित सार्वजनिक कला एवं रंगोली का निर्माण किया गया। झण्डे के निर्माण के लिए 235 स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया गया। 980 सामुदायिक स्वच्छता अभियान चलाए गए। 1451 सीटी/पीटी जैसी सार्वजनिक सम्पत्ति के रखरखाव के लिए स्वच्छता अभियान चलाया गया। अभियान में अब तक 2 लाख 87 हजार 345 नागरिकों ने सहभागिता की। अभियान में एक लाख 72 हजार से अधिक विद्यार्थियों की भी सहभागिता दर्ज की गई है। अभियान का दूसरा चरण जारी है। इसमें वृहद स्तर पर गतिविधियां की जा रही हैं। केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय के सहयोग से स्थानीय उत्पादों, स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों, तिरंगे के रंग की थीम वाली वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, श्रृंगार सामग्री आदि की बिक्री पर केन्दित तिरंगा मेला आयोजित किए जा रहे हैं। नगारिकों को तिरंगे के साथ सेल्फी लेने और उसे हर घर तिरंगा पोर्टल पर अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। अभियान के तीसरे चरण में सभी शासकीय भवनों, शैक्षणिक संस्थनों, होटलों, कार्यालयों, बांधों, पुलों आदि पर ध्वजारोहण समारोह और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।

बताया गया कि यह अभियान सामूहिक उत्सव और नागरिक एकता की भावना पर आधारित है, जिसमें स्वतंत्रता के सार को स्वच्छता और सुजलता के संकल्प से जोड़ा गया है। स्वच्छ भारत मिशन और जल जीवन मिशन के तहत गांवों/ग्राम पंचायतों में गतिविधियों की श्रृंखला, जिसमें स्वच्छ सुजल गांव प्रतिज्ञा, सामुदायिक सफाई अभियान, वाश परिसंपत्तियों की सफाई, जागरूकता गतिविधियों, जल संरक्षण और 15 अगस्त को अमृत सरोवर, सार्वजनिक स्थालों सहित प्रमुख वाश अवसंरचना स्थलों पर ध्वजारोहण समारोह आयोजित किए जाएंगे। खाद्य विभाग द्वारा बताया गया कि प्रदेश की शासकीय उचित मूल्य दुकानों से अब तक 2 लाख 28 हजार से अधिक झण्डे वितरित किए जा चुके हैं।

बैठक में प्रदेश के सभी डिवीजनल कमिश्नर्स और कलेक्टर्स ने उनके संभाग/जिलों में हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता अभियान के अंतर्गत हो रही गतिविधियों की जानकारी दी। बताया गया कि जिलों में जनसहभागिता से तिरंगा यात्रा, बाइक रैली, तिरंगा मेले, रंगोली प्रतियोगिता, नागरिकों को कचरे के समुचित निपटान की जानकारी देकर स्वच्छता के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। अभियान के दूसरे और तीसरे चरण में इन गतिविधियों में और तेजी लाएंगे। कलेक्टर्स ने बताया कि हर घर तिरंगा अभियान में आवश्यकतानुसार झण्डे की पर्याप्त आपूर्ति के लिए ग्रामोद्योग एवं स्व-सहायता समूहों का सहयोग लिया जा रहा है।

ज्ञात हो कि हर घर तिरंगा अभियान तीन चरणों में चलाया जा रहा है। पहले चरण में 2 से 8 अगस्त तक समाज में वातावरण निर्माण किया गया। दूसरा चरण 9 से 12 अगस्त तक चलेगा। तीसरा चरण 13 अगस्त से प्रारंभ होकर 15 अगस्त को पूरा होगा। स्वाधीनता दिवस के पावन अवसर पर केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में यह अभियान व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है।

Recent Posts

ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

आष्टा | अव्यवस्था, पक्षपात और सवालों के बीच मना 77वां गणतंत्र दिवस देश का 77वां गणतंत्र दिवस आष्टा नगर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। शासकीय एवं अशासकीय संस्थानों में ध्वजारोहण हुआ, देशभक्ति के संदेश गूंजे और बच्चों की प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बनाया।

error: Content is protected !!