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व्यक्ति का ईमानदारी से किया कर्म ही सर्वोपरि होता है-विधायक गोपालसिंह इंजीनियर यूनानी दिवस समारोह में शामिल हुए विधायक

व्यक्ति का ईमानदारी से किया कर्म ही सर्वोपरि होता है-विधायक गोपालसिंह इंजीनियर
यूनानी दिवस समारोह में शामिल हुए विधायक
*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*
आष्टा । व्यक्ति का ईमानदारी से किया गया कर्म ही सर्वोपरि होता है तथा यूनानी चिकित्सा पद्धति एक प्रमुख चिकित्सा पद्धति है जिसके लाभ से सभी का परिचित होना आवश्यक है तथा इसे अपने जीवन में सम्मिलित करते हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हुये असाध्य रोगो से भी लड़ सकते हैं। उक्त उद्गार क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर द्वारा यूनानी दिवस के आयोजन में जनपद पंचायत के सभागृह में व्यक्त किये गये। उक्त आयोजन शासकीय यूनानी चिकित्सक डॉ. शाइनी अंजुम द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी भारत में यूनानी चिकित्सा के प्रणेता हकीम अजमल खान की जयंति पर आयोजित किया गया था। जिसके संयोजन एवं सूत्रधार का दायित्व कवि अतुल जैन सुराणा द्वारा निभाया गया। आयोजन में क्षेत्र के विधायक गोपाल सिंह इंजीनियर के साथ प्रमुख अतिथि के रूप में जिला भाजपा के उपाध्यक्ष धारासिंह पटेल,जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू गुणवान, नगर भाजपा अध्यक्ष श्रीमती अंजनी विशाल चौरसिया,पूर्व भाजपा जिला मीडिया प्रभारी सुशील संचेती,वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याणसिंह ठाकुर,जावर मंडल अध्यक्ष विजेन्द्र सिंह ठाकुर,बीएमओ अमित माथुर,डॉ हयाज अली,श्रीमती मीनू सुरणा,रजनीश सुरणा की सम्माननीय उपस्थिति रही । जिन्होने अपने उद्बोधनो से सभी को मार्गदर्शित किया। आयोजन में क्षेत्र के प्रसिद्ध यूनानी विशेषज्ञ डॉ. हयात अली, डॉ. अजीज सिद्दीकी, डॉ. यूसूफ खलील हुसैन, डॉ. नफीस मेम, डॉ. शाहिद खान, डॉ. शाहिद अली, डॉ जरीना मेम उपस्थित रहे । जिन्होने अपने उद्बोधनो के माध्यम यूनानी चिकित्सा पद्धति का महत्व बताया। आयोजन में विशेष आकर्षण के रूप मे नगर की साहित्यिक संस्था साहित्य शिल्पी के कविगणो को भी आमंत्रित किया गया था जिन्होनें अपने गीत, गजलो के माध्यम से समां बांध दिया। कविगणो मंे संचालक कवि अतुल जैन सुराणा के साथ श्रीराम श्रीवादी, जावेद अली जावेद, गोविन्द शर्मा, डॉ. कैलाश शर्मा, अकबर सिद्दीकी तथा डॉ. प्रशांत जामलिया को आमंत्रित किया गया था। आयोजक डॉ. शाइनी अंजुम नें सभी अतिथियों का औषधि के पौधे तथा प्रतीक चिन्ह के साथ सम्मानित किया तथा सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ हयाज अली ने आयुष विभाग की ओर से कुछ मांगो का मांग पत्र भी विधायक को सौपा ।
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आष्टा अवैध मुरम उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई* *गोपालपुर चरणोई जंगल में माइनिंग विभाग का छापा, फोकलेन मशीन व दो डंपर जप्त* *कार्रवाई सराहनीय, लेकिन जानकारी देने से बचता विभाग—संदेह के घेरे में अधिकारी*

ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

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