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मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

आष्टा अवैध मुरम उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई* *गोपालपुर चरणोई जंगल में माइनिंग विभाग का छापा, फोकलेन मशीन व दो डंपर जप्त* *कार्रवाई सराहनीय, लेकिन जानकारी देने से बचता विभाग—संदेह के घेरे में अधिकारी*

*अवैध मुरम उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई*
*गोपालपुर चरणोई जंगल में माइनिंग विभाग का छापा, फोकलेन मशीन व दो डंपर जप्त*
*कार्रवाई सराहनीय, लेकिन जानकारी देने से बचता विभाग—संदेह के घेरे में अधिकारी*

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

आष्टा।
शहर के समीप ग्राम गोपालपुर स्थित चरणोई जंगल क्षेत्र में कई दिनों से चल रहे अवैध मुरम उत्खनन पर आखिरकार माइनिंग विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए खुदाई में लगी एक फोकलेन मशीन एवं दो डंपरों को जप्त किया है। यह कार्रवाई जिले से आए माइनिंग विभाग के जांच दल द्वारा की गई।
सूत्रों के अनुसार, जप्त की गई मशीनें और डंपर किसी बाहरी कंपनी के बताए जा रहे हैं, यह कंपनी खोदी जा रही इस मुरम को हाईवे पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर सप्लाय के साथ साथ शहर में अनैतिक रूप से बेच रही है
बताया जा रहा है कि बिना किसी वैधानिक अनुमति के लंबे समय से जंगल क्षेत्र में यह कंपनी खुलेआम खुदाई करवा रही थी

*पहले भी कर चुका है बड़ा खेल*

सूत्र यह भी बताते हैं कि अवैध उत्खनन में लिप्त व्यक्ति द्वारा पूर्व में समीपस्थ ग्राम चिन्नोथा में मात्र 0.078 हेक्टेयर भूमि की अनुमति लेकर करीब तीन एकड़ क्षेत्र में अवैध खुदाई की गई थी, जिससे लाखों रुपये का मुनाफा कमाया गया। क्योकि खुदाई वाले स्थान को देख कर आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से निजी जमीन की आड़ में सरकारी जमीन खोद कर तालाब बना दिए है । आपको बता दे लंबे समय से चल रहे इस खनन के खेल को ऐसा भी नहीं लगता कि जिम्मेदार अधिकारी और विभाग न जानता हो? इसके बावजूद कार्रवाई न होना, विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

*कार्रवाई के बाद भी संदेह*

हालांकि माइनिंग विभाग की यह कार्रवाई काबिले तारीफ कही जा सकती है, लेकिन इसके बाद जो स्थिति सामने आई, वह कई शंकाओं को जन्म देती हे ।जांच दल द्वारा जप्त किए गए संसाधनों को आष्टा पार्वती थाना क्षेत्र से हटकर जावर थानत अंतर्गत डोड़ी चौकी पर खड़ा किया गया, जो आमजन की समझ से परे है।

इतना ही नहीं, जब इस संबंध में जांच दल में शामिल खुशबू मैडम से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने “जिले में बैठे खनिज अधिकारी” का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। वहीं, जिले में पदस्थ खनिज अधिकारी धर्मेंद्र चौहान से बार-बार दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर विभाग अपनी ही सफल कार्रवाई की जानकारी देने से क्यों बच रहा है?

माफिया और संरक्षण देने वालों में बेचैनी

इस कार्रवाई के बाद खनिज माफियाओं और उनके कथित संरक्षणदाताओं में बेचैनी साफ देखी जा रही है। जानकारों का कहना है कि आष्टा ही नहीं, बल्कि जावर सहित पूरी तहसील में अवैध उत्खनन का कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा है और माफिया खुलेआम लाखों रुपये कमा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो गोपालपुर क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई भी भारी शिकवा-शिकायतों के बाद ही संभव हो सकी। यदि पकड़े गए मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए, तो क्षेत्र में हुई अन्य कई अवैध खुदाइयों के बड़े खुलासे हो सकते हैं।
*अब निगाहें आगे की कार्रवाई पर*

Screenshot

अब देखने वाली बात यह होगी कि माइनिंग विभाग जप्त की गई फोकलेन मशीन और डंपरों के विरुद्ध कितनी सख्त कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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ग्रामीण अंचलों में उत्खनन माफिया बेलगाम जंगल, चरणोई और शासकीय भूमि पर खुलेआम खुदाई—प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल? आष्टा। दिनेश शर्मा आष्टा नगर के आसपास स्थित ग्रामीण क्षेत्रों में उत्खनन माफिया बेखौफ होकर जंगलों, चरणोई भूमि एवं शासकीय जमीनों पर अवैध उत्खनन कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि यह सब लंबे समय से खुलेआम चल रहा है, फिर भी जिम्मेदार प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक प्रभावशाली उत्खनन माफिया बिना किसी वैधानिक स्वीकृति के निजी जमीन की आड़ लेकर बड़े पैमाने पर खुदाई कर रहा है। इस अवैध उत्खनन में न केवल संबंधित किसान की भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, बल्कि आसपास की शासकीय भूमि और चरणोई जमीन भी बेरहमी से खोद डाली गई है। सूत्र यह भी बताते हैं कि गोपालपुर–चिन्नीथा क्षेत्र में एक उत्खनन माफिया द्वारा भारी स्तर पर अवैध खुदाई की जा रही है। खासकर गोपालपुर के बड्ढले क्षेत्र में चल रही खुदाई और मिट्टी/मोरम के परिवहन की कोई वैधानिक अनुमति अब तक जारी नहीं हुई है, इसके बावजूद प्रतिदिन मशीनों से खुदाई और वाहनों के जरिए परिवहन जारी है। इस बात की गवाही अवैध खनन से माफियाओ द्वारा सरकारी जमीनों को बड़े बड़े तालाब नुमा आकार में कर दी है । बताया जा रहा है कि संबंधित माफिया ने किसान से निजी आर्थिक समझौते के आधार पर उसकी जमीन का उपयोग करते हुए, पास की शासकीय बड्ढले भूमि को भी खोदकर तालाब का रूप दे दिया है। यह सीधे-सीधे शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और नियमों की खुली अवहेलना का मामला है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि स्थानीय प्रशासन को इस पूरे अवैध उत्खनन की जानकारी न हो, ऐसा मानना मुश्किल है? इसके बावजूद न तो अब तक कोई ठोस कार्रवाई हुई है और न ही मशीनें जब्त की गई हैं। प्रशासन की यही उदासीनता उत्खनन माफियाओं का हौसला बढ़ा रही है। जानकारो का कहना है कि यदि समय रहते इस अवैध उत्खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने के साथ-साथ सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता रहेगा। जिला खनिज प्रशासन ,और स्थानीय प्रशासन को चाहिए की मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई और अवैध उत्खनन रोक लगावे ।

आष्टा | नलों में ज़हर! दूषित पानी से जनता की सेहत से खुला खिलवाड़, नपा बे परवाह । आष्टा शहर में इन दिनों नलों से पानी नहीं, बीमारियाँ बह रही हैं, लेकिन जिम्मेदारों की आँखों पर जैसे लापरवाही की पट्टी बंधी हुई है।

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