परिणय महोत्सव का विधिवत हुआ शुभारंभ, बड़ी संख्या में समाज जनो,मातृ शक्तियों की उपद्थिति में भगवान गणेश जी को किया आमंत्रित ।
दिनेश शर्मा आष्टा हलचल
आष्टा में भव्य परिणय महोत्सव के रूप में आस्था, परंपरा और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम एक बार फिर आगामी 19 अप्रेल अक्षय तृतीया भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव के रूप में देखने को मिलेगा ।
इस भव्य महोत्सव का आरंभ आज शहर के अति प्राचीन गणेश मंदिर में पूरे विधि विधान और मंत्रौच्चार के साथ भगवान को आमंत्रण पत्रिजा अर्पित कर हुआ ।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विप्र बंधु मातृशक्ति उपस्थित रहीं । विदित रहे समाज के अध्यक्ष विनीत जी त्रिवेदी की अगुवाई में आगामी उन्नीस अप्रेल को भगवान परशुराम जी का प्राकट्य उत्सव भी पूरे उत्साह के साथ मनाया जाएगा,वही परंपरा अनुसार इस बार भी 6 ब्राह्मण जोड़ो का पाणिग्रहण संस्कार भी संपन्न होगा ।
आज स्थानीय श्री गणेश मंदिर, बड़ा बाजार में भगवान को अर्पण प्रिक कार्यक्रम के इस पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना कर समाज की सुख-समृद्धि और सभी आयोजनों की सफलता की कामना की गई। पूरा मंदिर परिसर भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से सराबोर नजर आया।
इस गरिमामयी आयोजन में समाज के पदाधिकारियों एवं विप्र बंधुओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में ब्राह्मण परिणय महोत्सव अध्यक्ष दिलीप शर्मा, परशुराम जयंती अध्यक्ष गब्बू शर्मा, वित्तीय प्रभारी संजीव दीक्षित, पूर्व अध्यक्ष राजेश शर्मा, दिनेश शर्मा, मनीष पालीवाल, रवि शर्मा, महासचिव नवीन शर्मा सहित वरिष्ठजन प्रेम नारायण शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, गोविंद शर्मा एवं जागेश्वर तिवारी उपस्थित रहे।
महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। महिला मंडल अध्यक्ष नीता तिवारी, परशुराम जयंती महिला अध्यक्ष सरिता पुरोहित, बीना पुरोहित, जयश्री शर्मा, रीना शर्मा, मंजू पालीवाल, प्रीति त्रिवेदी एवं टीना शर्मा सहित अन्य महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

इसके अलावा कपिश शर्मा, कृष्णा शर्मा, योगेश शर्मा, यश शर्मा, निलेश शर्मा, रामू शर्मा, बसंत पाठक, रघुनंदन शर्मा, श्याम शर्मा, राजेश शर्मा, भारत शर्मा, सौरभ शर्मा एवं सुनील शर्मा (शास्त्री) सहित बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान समाज अध्यक्ष पं. विनीत त्रिवेदी के नेतृत्व में सभी ने एकजुट होकर आगामी आयोजनों को भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश को प्रथम निमंत्रण अर्पित करना हमारी सनातन परंपरा का प्रतीक है, जो हर शुभ कार्य की सफलता का आधार माना जाता हे ।







