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प्रधान संपादक:- श्री दिनेश शर्मा
मुख्य संपादक:- श्री पीयूष शर्मा

*मंडी की योजना, विकास और क्रियान्वन में एसडीएम अग्रसर* _एस.डी.एम. की भी मंडी शिफ्टिंग में रुचि। व्यापारियों से लिए सुझाव, ओर की सकारात्मक चर्चा।

*मंडी की योजना, विकास और क्रियान्वन में एसडीएम अग्रसर*
_एस.डी.एम. की भी मंडी शिफ्टिंग में रुचि।

व्यापारियों से लिए सुझाव, ओर की सकारात्मक चर्चा।

*दिनेश शर्मा आष्टा हलचल*

आष्टा – शासन के निर्देश पर सोयाबीन के लिए भावांतर भुगतान योजना लागू की गई है।  ओर आज 3 अक्टूबर से पंजीयन भी आरम्भ हो गए हे ऐसे में स्थानीय स्तर पर किसान को कोई परेशानी या समस्या का सामना न करना पड़े, साथ ही gm किसान को कितनी अधिक से अधिक सुविधाएं उपलब्ध करा सके , इसके लिए मंडी के  भारससाधक अधिकारी व आहता एडीएम नितिन टाले ने दो सत्र में किसानों ओर व्यापारियों के साथ बैठक करी ओर सुझाव लेते हुए शासन की भावनाओं ओर निर्देशों से अवगत कराया । दोप. 1:00 बजे किसान संघ के पदाधिकारियो के साथ बैठक करी इस बैठक में किसान संघ के पदाधिकारी सहित काफी संख्या में अनेक किसान भी उपस्थित थे जिन्हें बैठक में श्री आशीष उपाध्याय के द्वारा पीपीटी के माध्यम से प्रेजेंटेशन दिया गया और योजना के पंजीयन की अवधि, पंजीयन, विक्रय अवधि, मंडी प्रांगण की प्रक्रिया, मॉडल रेट के निर्धारण, विक्रय की अधिकतम पात्रता का निर्धारण, भावांतर राशि की गणना और भुगतान तथा अन्य विषयों पर भी काफी विस्तृत चर्चा की गई। जहां जहां कृषकों द्वारा प्रश्न किए गए एसडीएम नितिन टाले किसानो के प्रश्नो का संतोषजनक जवाब देकर सभी को संतुष्ट किया।


दूसरे सत्र में अपरांह 4:00 बजे व्यापारी संघ और उनके पदाधिकारी की बैठक आयोजित की गई थी। जिसमें भावांतर भुगतान योजना में योजना और व्यापारियों के संयुक्त विषयों पर व्यापारियों से चर्चा की गई। इस संबंध में व्यापारियों को अवगत कराया गया कि उपार्जन पोर्टल एवं ई मंडी पोर्टल का इंटीग्रेशन किया जाएगा। जिससे कृषक पंजीयन की जानकारी ई मंडी पोर्टल पर भी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही मंडी प्रवेश पर्ची, अनुबंध पत्रक, तौल पर्ची, भुगतान पत्रक पर कृषक पंजीयन क्रमांक भी अंकित किया जाएगा। व्यापारियों को सोयाबीन के भुगतान की राशि ई पेमेंट के माध्यम से किए जाने पर चर्चा की गई। वही भावांतर योजना  में ओर जहां जहां टेक्निकल समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हे व्यापारिपरिनिधियो ने भी अवगत कराया, ओर अपने सुझाव दिए, जिन्हें एडीएम टाले ने गंभीरता से सुना ।

दोनों सत्रों में आयोजित बैठक में भावांतर भुगतान योजना के क्रियान्वयन और इसकी विस्तृत चर्चा होने के पश्चात किसान संघ और व्यापारी संघ से उनसे जुड़े हुए मंडी के विभिन्न विषयों पर भी सार्थक चर्चा की गई। जैसे उपज की तौल बड़े कांटे पर ऐच्छिक रूप से की जाए ताकि किसान जल्द मंडी प्रांगण से गंतव्य की ओर रवाना हो सके। साथ ही नवीन मंडी प्रांगण में विस्थापन के संबंध में व्यापारियों द्वारा भूखंड विभिन्न तीन साइजों में मांग पत्र दिया जाए ताकि इसका निर्धारण और लेआउट की संपूर्ण अभिलेखीय कार्यवाही करके ऑफसेट मूल्य के आधार पर भूखंड आवंटन की कार्रवाई की जा सके। इस बैठक में व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष उपेश राठौर, मुकेश बड़जात्या, सुमत जैन, दिनेश शर्मा , एवं अन्य व्यापारी गण , किसान संघ के अध्यक्ष राकेश सिंह वर्मा एवं महेश वर्मा तथा मंडी सचिव सहायक संचालक नरेंद्र मेश्राम, उनके अधीनस्थ उपयंत्री कपिल सहारे, मुख्य लिपिक श्री अरविंद झवर, श्री कपिलपुरी गोस्वामी, राजमल चौहान सहित बड़ी संख्या में किसान एवं व्यापारी भी उपस्थित थे।

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